कुमार सुशांतः आईपीएल- 4 : इंडियन पैसा लीग
पिछले साल आईपीएल को चौथी दुनिया ने इंडियन फिक्सिंग लीग बताया था. यह बात सही साबित हुई. टूर्नामेंट शुरू होने से एक महीने पहले ही आपको बता दिया था कि मुंबई फाइनल खेलने वाला है. यह बात भी सच साबित हुई. चौथी दुनिया ने खुलासा किया था कि आईपीएल विदेशी कंपनियों के पैसों चलाया जा रहा है. सही साबित हुआ. चौथी दुनिया ने आईपीएल को अधिकारियों, सट्टेबाज़ों, फिल्म स्टारों, नेताओं, मंत्रियों और अंडरवर्ल्ड का गठजोड़ बताया था. आज जांच से वो सारी बातें सच साबित हो रही हैं.
हमने आईपीएल को इंडियन फिक्सिंग लीग बताते हुए खुलासे किए थे और कहा था कि हमारा मकसद किसी के व्यक्तित्व पर कीचड़ उछालना नहीं है, बल्कि क्रिकेट को चाहने वाली भारत की जनता को आगाह करना है कि उसकी भावनाओं के साथ सरासर खिलवाड़ हो रहा है. आज भी हम वही बात कहते हैं.
पिछले साल आईपीएल 3 शुरू होने से पहले ही चौथी दुनिया ने कई खुलासे किए. चौथी दुनिया ने मुंबई इंडियंस के फाइनल में पहुंचने की बात कही थी. मुंबई इंडियंस फाइनल खेली. आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग को इंडियन फिक्सिंग लीग बताया था. अख़बार ने यह भी खुलासा किया कि आईपीएल की कई टीमों में विदेशों की फर्ज़ी कंपनियों का पैसा लगा है. यह भी बताया था कि इन सारे पैसों के तार सीधे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़े हैं. देर से ही सही, लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इसका खुलासा कर दिया है. आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में बीसीसीआई और आईपीएल द्वारा फेमा कानून (वित्तीय विनिमय प्रबंधन) के उल्लंघन की बात कही है. आरबीआई ने इस रिपोर्ट को संसद की वित्तीय समिति को सौंप दिया है. नतीजतन, बीसीसीआई के अध्यक्ष शशांक मनोहर, सचिव एन. श्रीनिवासन, आईपीएल कमिश्नर चिरायु अमीन को संसद की स्थाई वित्तीय समिति के सामने पेश होना पड़ा. सांसदों ने भारतीय क्रिकेट के इन कर्णधारों की स़फेदपोशी पर सवालिया निशान उठाए. सांसदों ने सवाल पर सवाल दागे. समिति ने यहां तक पूछा कि कैसे सुनिश्चित करें कि आईपीएल टीमों के पीछे निवेश किया गया धन, काला धन नहीं है. क्रिकेट के शीर्ष अधिकारियों के पास कोई जवाब न था. लेकिन क्रिकेट के इन शीर्ष अधिकारियों को खुद को बेदाग भी बताना था, इसीलिए इन्होंने सारा दोष आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी पर थोप दिया और तत्काल बच निकले. इससे सा़फ है कि आईपीएल में काले धन का निवेश होता रहा है और जिस तरह आज आईपीएल-4 में खिलाड़ियों की मंडी में टीमें उन खिलाड़ियों की करोड़ों में खरीद-फरोख्त कर रही हैं, वह कुछ और नहीं बल्कि काला धन ही है.
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट पर सांसदों की वित्तीय समिति ने बीसीसीआई के अध्यक्ष, सचिव और आईपीएल कमिश्नर से पूछा कि क्या उन्हें सरकार की उस रिपोर्ट की जानकारी है, जिसमें राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, किंग्स इलेवन पंजाब और मुंबई इंडियंस जैसी आईपीएल टीमों में विदेशी कंपनियों के निवेश की बात कही गई है. समिति ने पूछा कि बीसीसीआई ने विदेशी लेनदेन से पहले भारतीय रिजर्व बैंक या किसी दूसरी एजेंसी से मदद क्यूं नहीं ली, तो बोर्ड के अधिकारियों का जवाब था कि हमें पता नहीं था कि दक्षिण अफ्रीका में खाता खोलना फेमा के नियमों का उल्लंघन है. ज़ाहिर है, आपीएल के दूसरे संस्करण के दौरान दक्षिण अफ्रीका के बैंकों में खाता खोला जाता है. उन खातों का संचालन बीसीसीआई के हाथों में होता है. निवेश किसी कंपनी या व्यक्ति के द्वारा किया जाता है, लेकिन किसी को शक़ न हो, इससे बचते हुए फायदा किसी और के द्वारा उठाया जाता है. करोड़ोंका गबन होता है. सट्टेबाज़ी का खेल पूरे खेल में चलता रहता है और बीसीसीआई के अधिकारियों को कुछ पता भी नहीं होता. ऐसे में ताज्जुब होना लाजिमी है कि भारतीय क्रिकेट में अगर इतने बड़े ओहदे पर विराजमान अधिकारी जो खुद भी बड़े-बड़े पूंजीपति हैं, उन्हें फेमा के नियमों की भी जानकारी नहीं है. इस तरह से उन्हें अपने ओहदे की लाज रखते हुए इस्ती़फा दे देना चाहिए या फिर वे पूरी घटना की जानकारी जनता के सामने सही सही बताएं.
साल 2008 में शुरू हुए आईपीएल की आत्मा खेल में नहीं बल्कि विवादों और सट्टेबाज़ों में बसती है. आईपीएल की काली कमाई से सब वाक़ि़फ हो चुके हैं. वो चाहे फिल्मी सितारे हों, नेता हों, उद्योगपति हों, अंडरवर्ल्ड हो या सट्टेबाज़. सब के सब कमाई की इस काली गंगा में हाथ धो रहे हैं. अब तक यह सब जान चुके हैं कि जितने चाहो उतने घोटाले करो, जांच में कुछ नहीं निकलेगा, क्योंकि इसमें खुद क्रिकेट के शीर्ष अधिकारियों की गर्दन फंसी है. और इनकी तक किसी के भी हाथ नहीं पहुंचते.
आईपीएल के पहले सीजन में राजस्थान रॉयल्स सबसे कमज़ोर टीम समझी जा रही थी. टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले रॉयल्स की जीत पर एक रुपये पर 25 रुपये का दांव लगा था. आ़खिरकार राजस्थान रॉयल्स विजेता बनी. हर किसी ने शेन वॉर्न की कप्तानी की जमकर तारीफ की. राजस्थान की इस जीत के साथ ही बीसीसीआई के छह शीर्ष अधिकारी, आईपीएल के एक शीर्ष अधिकारी और टीम के मालिकों की भी जीत हुई. इनमें से हर किसी की जेब में 40 से 80 करोड़ रुपए गए. टूर्नामेंट के 35 दिनों के दौरान 50,000 करोड़ से ज़्यादा की सट्टेबाजी की गई. आरोप यह भी लगा कि आईपीएल के अनेक शीर्ष अधिकारियों और खासतौर से इसके एक बड़े अधिकारी को 200 करोड़ का फायदा हुआ, लेकिन ख़बर आने के बाद जांच के नाम पर सबने चुप्पी साध ली. आईपीएल-2 सुरक्षा कारणों से दक्षिण अफ्रीका में हुआ. सट्टेबाज़ों के मुताबिक़, बंगलुरु और डेक्कन चार्जर्स की टीमें सबसे पीछे थीं, लेकिन मैच की जीत-हार का फैसला लीग के अधिकारियों और टीम के मालिकों ने मिलकर किया. देश के सामने इस परिणाम को ऐसे पेश किया गया कि कोई कुछ समझ नहीं पाया. डेक्कन चार्जर्स विजेता बनी. एक बार फिर 1500 करोड़ का घपला हुआ, जिसमें 400 करोड़ अकेले लीग अधिकारियों की जेब में गए. आईपीएल-3 में कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस की टीमों को फिसड्डी माना जा रहा था, लेकिन आगे चलकर नज़ारा बदल गया. चेन्नई सुपर किंग्स की टीम विजेता बनी. बाद में ़खुलासा हुआ कि तीसरे सीजन में आईपीएल पर लगभग 70,000 करोड़ रुपये का सट्टा लगा है. बड़े-बड़े मंत्रियों समेत अंडरवर्ल्ड, फिल्म अभिनेताओं पर घपलेबाज़ी का आरोप लगा. आरोप के छींटे तत्कालीन विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर एवं उनकी प्रेमिका सुनंदा पुष्कर, केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार एवं उनके परिवार पर प्रमुखता से पड़े. शरद पवार ओर उनका परिवार तो बच गया, लेकिन इस आईपीएल की आग में शशि थरूर की कुर्सी चली गई. आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी को करोड़ों रुपयों के घपले के आरोप में देश छोड़ना पड़ा.
क्रिकेट प्रेमियों को आईपीएल-4 में हुई नीलामी से भी आश्चर्य इसलिए नहीं करना चाहिए, क्योंकि नीलामी में बोली लगाकर जिन खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपयों की बरसात होने वाली है, उन पैसों को श्रोत सीधे अंडरवर्ल्ड से है. ज़ाहिर है, एक तरफ आईसीसी क्रिकेट के सबसे पुराने फॉर्मेट टेस्ट क्रिकेट को बचाने की जुगत में है, तो वहीं आईपीएल युवा खिलाड़ियों पर पैसों की बरसात करके उन्हें अपनी तरफ खींचने की मुहिम में लगा है. आईपीएल की नीलामी में फ्रेंचाइजियों ने कुल 15 खिलाड़ियों पर एक मिलियन डॉलर से ज़्यादा की रकम लुटाई. वहीं कई दिग्गज खिलाड़ी नहीं बिके. इससे सा़फ है कि आपकी उम्र, आपका परफॉर्मेंस कुछ भी हो, अगर फ्रेंचाइजी मालिकों की नज़र में आप ठीक हैं तो आपको मालामाल होने से कोई नहीं रोक सकता.
शाहरुख ने खेला पहला दांव
शाहरुख खान की अदा एकदम निराली है. वह हमेशा अलग करते हैं. अलग सोचते हैं और अपने फायदे के लिए अलग-अलग तरीकों से विवादों को जन्म भी देते हैं. पिछली बार भी उन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को किसी भी टीम में शामिल न किए जाने को मुद्दा बना कर अपनी एक फिल्म का प्रोमोशन किया. साथ में शिवसेना और ठाकरे के साथ-साथ देश की जनता को मूर्ख बनाने में कामयाब रहे. आईपीएल अभी शुरू भी नहीं हुआ कि शाहरुख अपनी बाजीगरी में जुट गए. इस बार उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली को मोहरा बनाया. यह सब जानते हैं कि कोलकाता की टीम बिना सौरभ गांगुली के ईडेन गार्डन में उतर नहीं सकती. कोलकाता के लोग क्रिकेट और सौरभ गांगुली को पूजते हैं. शाहरुख यह भी जानते हैं कि सौरभ गांगुली के टीम में न होने से लोगों की भावनाएं भड़केंगी. धरना प्रदर्शन होगा. मीडिया में यह मुद्दा ज़ोर-शोर से उछलेगा. आईपीएल को बिना पैसे खर्च किए पब्लिसिटी मिल जाएगी. शाहरुख खान ने इसी रणनीति के तहत सौरभ गांगुली के पर बोली नहीं लगाई. इस पर कोलकाता में शाहरुख खान का जमकर विरोध हुआ. उनका पुतला फूंका गया और नारेबाज़ी हुई. उनकी रणनीति कामयाब हो गई. विरोध को देखते हुए शाहरुख ने भी सौरभ को पटाने का नाटक शुरू किया. उन्होंने कहा कि सौरव के बिना कोलकाता नाइट राइडर्स की कल्पना ही नहीं हो सकती और वह दादा को टीम में मेंटर के तौर पर शामिल करना चाहते हैं. सच्चाई यह है कि यह पहले से ही तय है कि सौरव गांगुली कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम के सदस्य रहेंगे. पूर्व क्रिकेटर कपिल देव ने कहा कि गांगुली आईपीएल में सबसे ज़्यादा रन बनाने वालों में से हैं. गांगुली को कोलकाता टीम में शामिल न करने का कारण क्रिकेट नहीं, बल्कि एक अलग राजनीति है. यह राजनीति से ज़्यादा प्रोमोशन की रणनीति है, जिसे कोलकाता की जनता समझ नहीं पाई. जैसे, पिछली बार ठाकरे और शिवसेना नहीं समझ पाए थे. दोनों के बीच जमकर बयानबाज़ी हुई. शाहरुख की फिल्म हिट भी हो गई और बदले में शिवसेना के अ़खबारों में शाहरुख खान की कंपनी का विज्ञापन भी छपता रहा. इस बार भी उनका यह दांव कामयाब होता दिख रहा है.
http://www.chauthiduniya.com/2011/01/ipl-4-indian-paisa-lig.html
कुमार सुशांतः आईपीएल- 4 : इंडियन पैसा लीग
Reviewed by kumar sushant
on
8:40 PM
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